अर्द्धवार्षिक परीक्षा सत्र 2025-26
कक्षा - 4 थी समय - 10:00 से 12:30
विषय - भाषा भारती (हिन्दी) पूर्णांक - 60
नोट - सभी प्रश्न हल करना अनिवार्य है।
बहुविकल्पीय प्रश्न (प्रश्न 1 - 5)
निर्देश― प्रत्येक प्रश्न के 4 विकल्प दिए गए हैं। सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए। प्रत्येक प्रश्न के लिए 1 अंक निर्धारित है।
प्रश्न - 1. कवि सुबह उठकर मन में किसका उपकार मानता है?
(A) माता-पिता का
(B) गुरु का
(C) प्रभु का
(D) बापू का
उत्तर : (C) प्रभु का
प्रश्न - 2. रम्मू को कौन-सी मिठाई प्रिय है?
(A) जलेबी
(B) गुलाबजामुन
(C) बर्फी
(D) रसगुल्ला
उत्तर : (B) गुलाबजामुन
प्रश्न - 3. रवीन्द्रनाथ ठाकुर का जन्म कहाँ हुआ था?
(A) दिल्ली
(B) कोलकाता (कलकत्ता)
(C) कानपुर
(D) इलाहाबाद
उत्तर : (B) कोलकाता (कलकत्ता)
प्रश्न - 4. 'मेरा एक सवाल' पाठ में किस दिशा में लाली घुलने की बात कही गई है?
(A) पश्चिम में
(B) पूर्व में
(C) दक्षिण में
(D) उत्तर में
उत्तर : (B) पूर्व में
प्रश्न - 5. फूलों से हमें क्या सीखने को मिलता है?
(क) चिल्लाना
(ख) रोना
(ग) हँसना
(घ) सोना
उत्तर : (ग) हँसना
रिक्त स्थान (प्रश्न 6-10)
निर्देश― नीचे दिए गए रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए। प्रत्येक प्रश्न के लिए 1 अंक निर्धारित है।
प्रश्न - 6. हम उत्पादन बढ़ा, करेंगे तुझको मालामाल।
उत्तर : मालामाल
प्रश्न - 7. समय अमूल्य है, जिसकी कीमत नहीं चुकाई जा सकती।
उत्तर : चुकाई
प्रश्न - 8. रम्मू गुलाबजामुन का इतना शौकीन है कि खाकर पुरवे को जीभ से चाट डालता है।
उत्तर : शौकीन
प्रश्न - 9. भौरों से नित गाना सीखो।
उत्तर : गाना
प्रश्न - 10. रवीन्द्रनाथ को प्रकृति से बहुत प्यार था।
उत्तर : प्रकृति
अति लघु उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 11-16)
निर्देश― नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए। प्रत्येक प्रश्न के लिए 2 अंक निर्धारित हैं।
प्रश्न - 11. कवि किन-किन को अपना सगा मानना चाहता है?
उत्तर :– कवि मातृभूमि की प्रकृति, पुरुष और पशु सबको अपना सगा मानना चाहता है।
प्रश्न - 12. दादाजी कहाँ बैठे थे और वे क्या करने वाले थे?
उत्तर :– दादाजी बच्चों के साथ अपने घर के सामने बने बगीचे में बैठे थे और वे अपनी बात शुरू करने वाले थे (बच्चों को कहानी सुनाने वाले थे)।
प्रश्न - 13. पुरवा और टाँड़ का क्या अर्थ है?
उत्तर :– पुरवा का अर्थ 'कुल्हड़' और टाँड़ का अर्थ 'ऊँचाई पर सामान रखने के लिए बनाया गया स्थान' है।
प्रश्न - 14. किसान ने भारतमाता का सवाल किस तरह सुलझाने की बात कही है?
उत्तर :– किसान ने भारतमाता का सवाल खेतों में अन्न उगाकर और हल चलाकर, उनके आँगन को खुशहाल करके सुलझाने की बात कही है।
प्रश्न - 15. दादाजी ने बच्चों को समय के बारे में क्या संकेत दिया?
उत्तर :– दादाजी ने संकेत दिया कि वह एक बार निकल जाने के बाद दोबारा नहीं आता।
प्रश्न - 16. रम्मू के मन की बात क्या थी?
उत्तर :– रम्मू के मन की बात यह थी कि उसे केवल एक ही गुलाबजामुन मिला था, जबकि वह कम से कम तीन-चार गुलाबजामुन खाना चाहता था।
लघु उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 17-22)
निर्देश― नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए। प्रत्येक प्रश्न के लिए 3 अंक निर्धारित हैं।
प्रश्न - 17. 'ज्ञान का दीप' जलाकर कौन-सी समस्या हल करने की बात कही गई है?
उत्तर :– 'ज्ञान का दीप' जलाकर देश की उलझन, परेशानी और जंजाल को मिटाने की बात कही गई है। ज्ञान और विज्ञान सीखकर विद्यार्थी इस समस्या को हल करेंगे, जिससे देश को गौरव (मान-सम्मान) मिल सके।
प्रश्न - 18. 'जो समय को नष्ट करता है, उसे समय नष्ट कर देता है', इस वाक्य का क्या आशय है?
उत्तर :– इस वाक्य का आशय है कि जो व्यक्ति अपने समय का सही उपयोग नहीं करते, काम टालते रहते हैं, वे जीवन में पीछे छूट जाते हैं और उनका जीवन भी नष्ट हो जाता है।
प्रश्न - 19. 'पतझड़' से क्या तात्पर्य है और यह हमें क्या सीख देता है?
उत्तर :– पतझड़ का तात्पर्य पत्तों का झड़ना है, जो एक मौसम होता है। पतझड़ के पेड़ों से हमें दुःख में भी धीरज धरना (धैर्य रखना) सीखने को मिलता है।
प्रश्न - 20. रम्मू ने माँ से झूठ क्यों बोला जब वह चौके में पकड़ा गया?
उत्तर :– रम्मू डर गया था कि माँ उसे गुलाबजामुन चोरी से खाते हुए पकड़ लेंगी, इसलिए उसने झूठ बोला और कहा कि वह कुछ नहीं कर रहा था और डिब्बे में उसका हाथ अपने आप चला गया।
प्रश्न - 21. रवीन्द्रनाथ ठाकुर का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
उत्तर :– रवीन्द्रनाथ ठाकुर का जन्म 7 मई सन् 1861 को बंगाल के कलकत्ता (कोलकाता) नगर में एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था।
प्रश्न - 22. 'आँख' और 'जल' के समान अर्थ वाले शब्द लिखिए।
उत्तर :– आँख का समान अर्थ वाला शब्द 'नयन' है। जल का समान अर्थ वाला शब्द 'पानी' है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 23 - 26)
निर्देश― नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए। प्रत्येक प्रश्न के लिए 5 अंक निर्धारित हैं।
प्रश्न - 23. 'इनका दुख अपना दुख मानूँ इनके सुख को सुख अपना' - इस पंक्ति का संदर्भ एवं प्रसंग सहित भावार्थ लिखिए।
उत्तर :–
संदर्भ: यह पंक्ति हमारी पाठ्यपुस्तक 'भाषा भारती' के पाठ 1 'प्रार्थना' से ली गई है।
प्रसंग: कवि यहाँ प्रभु से बल मांगते हुए अपनी मातृभूमि के लोगों के प्रति अपना दृष्टिकोण बता रहा है।
भावार्थ: कवि प्रार्थना करता है कि हे प्रभु, मुझे ऐसी शक्ति दो कि मैं भारत में रहने वाले सभी लोगों के दुःख को अपना दुःख समझूँ और उनके सुख को अपना सुख मानूँ। इसका अर्थ यह है कि कवि सभी देशवासियों के साथ आत्मिक लगाव रखना चाहता है और उनके सुख-दुःख में सच्चे दिल से भागीदार बनना चाहता है।
प्रश्न - 24. 'मेरा एक सवाल' कविता का सारांश अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर :– यह कविता देश के प्रति सेवा, प्रगति और सुरक्षा की भावना को दर्शाती है। भारतमाता अपने बच्चों से सवाल करती हैं कि मेरा आँगन कौन खुशहाल करेगा, मेरी रक्षा कौन करेगा, मुझे मालामाल कौन करेगा और ज्ञान-विज्ञान सीखकर मेरा गौरव कौन बढ़ाएगा। इस पर देश के विभिन्न पात्र, जैसे- किसान, सैनिक, मजदूर, विद्यार्थी और शिक्षक, मिलकर उत्तर देते हैं। किसान अन्न उगाकर, सैनिक सीमा की रक्षा कर, मजदूर उत्पादन बढ़ाकर, विद्यार्थी ज्ञान-दीप जलाकर और शिक्षक सबको पढ़ा-लिखाकर, भारतमाता के सभी सवालों को हल करने और देश को खुशहाल बनाने का प्रण लेते हैं। अंत में सभी मिलकर देश का भाल (मस्तक) जग में ऊँचा रखने का संकल्प लेते हैं।
प्रश्न - 25. निम्नलिखित विषयों में से किसी एक पर लगभग 10-12 वाक्यों में निबंध लिखिए: 'मेरी पाठशाला' या 'होली'।
उत्तर :– मेरी पाठशाला
1. मेरी पाठशाला का नाम (अपनी पाठशाला का नाम लिखें) है।
2. यह शहर के एक शांत और हरे-भरे इलाके में स्थित है।
3. मेरी पाठशाला की इमारत बहुत बड़ी और सुंदर है।
4. इसमें हवादार और साफ-सुथरे कमरे हैं।
5. इसमें एक बड़ा खेल का मैदान और एक सुंदर बगीचा भी है।
6. हमारे शिक्षक और शिक्षिकाएँ बहुत ही अनुभवी और दयालु हैं।
7. वे हमें केवल किताबें ही नहीं, अच्छी बातें भी सिखाते हैं।
8. पाठशाला में पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होते हैं।
9. मुझे अपनी पाठशाला बहुत अच्छी लगती है।
10. मैं रोज खुशी-खुशी अपनी पाठशाला जाता हूँ/जाती हूँ।
प्रश्न - 26. गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर का कौन-सा गीत 'राष्ट्रगान' बना और कब?
उत्तर :– गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर के लिखे गीत 'जन-गण-मन' के एक अंश को राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार किया गया। यह संविधान सभा द्वारा 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार किया गया।
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